जींद। हिसार में कोरोना पॉजिटिव के तीन मामलों नेे स्‍वास्‍थ्‍य विभाग की परेशानी बढ़ा दी है। इनमें से एक जींद के पेगां गांव के 50 वर्षीय व्यक्ति का है। जींद के कोरोना संक्रमित केस ने हिसार स्‍वास्‍थ्‍य विभाग की टेंशन बढ़ा दी है। जींद निवासी यह व्यक्ति हिसार के ही निजी अस्पताल में उपचार ले रहा था। इस व्यक्ति का सैंपल राष्ट्रीय अश्व अनुसंधान की लैब में ही भिजवाया गया था। मंगलवार को पॉजिटिव रिपोर्ट जारी हुई तो स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। संक्रमित व्‍यक्ति हिसार के दो निजी अस्‍पताल गया था। इसके संपर्क में स्‍टाफ सहित 46 लोग थे। विभाग की ओर से तुरंत एबुलेंस को बडाला गांव और निजी अस्पताल में भिजवाकर तीनों मरीजों को अग्रोहा मेडिकल के आइसोलेशन वार्ड में दाखिल करवाया गया। 
मैनेजर की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद प्रशासनिक अमला गांव पेगां पहुंचा। जहां पर ग्रामीणों से पता किया कि कोरोना पॉजिटिव के संपर्क में कोई व्यक्ति तो नहीं आया। जहां पर सामने आया कि वह गांव में आने की बजाय अपनी ससुराल ढाकल गया है। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने नरवाना की टीम को इसके बारे में सूचित किया। इसके बाद नरवाना नागरिक अस्पताल की टीम गांव ढाकल पहुंची। जहां पर उसके संपर्क में आए उसके ससुरालजनों की पहचान करके लिस्ट तैयार की है, ताकि उन लोगों के सैंपल लिए जा सकें। मैनेजर के परिवार में दो महिलाओं सहित चार सदस्य हैं। जिसमें एक लड़की मुंबई में ही कोचिंग सेंटर चलाती है, जबकि एक बेटा और पत्नी मार्च से ही अपने मायके गांव ढाकल में ही रह रहे हैं। परिवार के इन सदस्यों के अलावा ढाकल गांव के करीब आधा दर्जन लोग उनके संपर्क में आए हैं।
सिविल सर्जन डा. जयभगवान जाटान ने बताया कि कोरोना पॉजिटिव के संपर्क में आए लोगों को पता लगाया जा रहा है।शहर के निजी अस्पताल में दाखिल जींद के पेगां गांव निवासी व्यक्ति महाराष्ट्र के ठाणे से लौटा था। वहां निजी कंपनी में मैनेजर का काम करता था। इस व्यक्ति को फेफड़ों की कैंसर है और तबियत बिगड़ने पर उसकी बेटी ठाणे से जींद लेकर आई थी। पहले उसे जींद के नागरिक अस्पताल में ले जाया गया। जहां पर चिकित्सकों ने उसके गंभीर हालात को देखते हुए पीजीआइ रोहतक रेफर कर दिया। इस व्यक्ति ने पीजीआई रोहतक जाने से मना कर दिया और उसके बाद वह अपनी ससुराल गांव ढाकल चला गया। जहां पर एक दिन रहने के बाद परिवार के लोगों ने उसे हिसार के एक निजी अस्पताल में दाखिल किया। यहां व्यक्ति का सैंपल जांच के लिए भेजा गया। लेकिन रिपोर्ट आने से पहले ही परिजनों ने उसे शहर की एक अन्य निजी अस्पताल में दाखिल कर दिया। जिसके कारण दूसरे अस्पताल में मरीज का इलाज सिर्फ कैंसर के लिए चल रहा था। ऐसे में जींद निवासी व्यक्ति के संपर्क में निजी अस्पताल के 46 लोग आए हैं। जिनमें सात डाक्टर जो रेडियोलॉजिस्ट, एनेस्थेसिया स्पेशलिस्ट, न्यूरोसर्जन, ओंकोलॉजिस्ट, एमओ हैं, वहीं लैब टेक्नीशियन, सीटी स्कैन टेक्नीशियन, सुपरवाइजर, गार्ड, स्वीपर तथा 14 मरीज भी शामिल हैं। इनके सैंपल लिए जाएंगे। इन सभी को अस्पताल में ही क्वारंटाइन किया गया है।




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